स्याही और कलम
सौ.स्वरूपा कुलकर्णी
स्याही ने कलमसे कहाँ एक बार,
अगर मैं न रहूँ तो क्या हो तूम?
कलमने कहा,हाँ हू तो एक कलम
लेकिन बस एक श्याम राधा के बिना...
पत्तेने कहाँ पेडसे,
अगर मैं न हूँ तो क्या हो तूम?
पेड ने कहाँ हाँ हूँ तो एक पेड
लेकिन एक जिवन साँस के बिना...
मानवने कहाँ खुदासे,
अगर मै नही तो तू कौन है,
खुदा मुस्कूराकर बोले
मै और तूम अलग कहाँ?
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